रुसवाईयां
    ***

रूठी  है ज़िन्दगी
सहमी  सी हर  हसीं
अश्कों ने आँखों को
देखो है रूलाया

सौंपा था ज़िसे खुद को
साँसे , धड़कन और रुह  को
निकला हरजाई वो

रुसवाईयां हैं
तन्हाईयां हैं
ज़िस्म  तो  ज़िंदा  है
मगर
रूह  हाँ
कब की मर गई  .

गम  की चादर ओढ़े मन  है
सिसकुँ हर  लम्हा ...
तन्हापन  है .

रुसवाईयां हैं
तन्हाईयां हैं
ज़िस्म  तो  ज़िंदा  है
मगर
रूह  हाँ
कब की मर गई  .

टुकड़े  बन के
दिल है बिखड़ा
धोखा था वो
कहा ज़िसे तूने ईश्का .

अश्कों ने आँखों को
देखो है रूलाया

सौंपा था ज़िसे खुद को
साँसे , धड़कन और रुह  को
निकला हरजाई वो

रुसवाईयां हैं
तन्हाईयां हैं
ज़िस्म  तो  ज़िंदा  है
मगर
रूह  हाँ
कब की मर गई  .

रुसवाईयां हैं
तन्हाईयां हैं.

■■■
Prince
( 2014 )


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